TRP Full Form: TRP क्या है और कैसे मापे समझिये - Pure Gyan

इंडिया में टीवी सीरियल व न्यूज़ चैनल देखने वालों को TRP शब्द सुने को मिलता हैं लेकिन कमाल की बात है कि अधिकतर लोगों को TRP Full Form क्या हैं और इसका मतलब क्या होता है इसकी जानकारी नही होती जबकि टीवी सीरियल व चैनल इसके दम पर ही चलते हैं।

जी, अपने बिल्कुल सही सुना इसलिए अक़्सर टीवी चैनल वाले आपको कहते दिखाई देते है कि हमारा चैनल नंबर वन पर बाक़ी कोई आस पास नहीं ऐसा न्यूज़ चैनल वाले दावा करते रहे हैं यह अपने भी गौर किया होगा।

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दरसल, आप टीवी में सीरियल, मूवीज और न्यूज़ देखते हैं लेकिन क्या कभी अपने सोचा है की टीवी में चैनलों की कमाई कैसे होती है? क्योंकि आप तो कभी भी उन चैनलों के पास जाकर उनको पैसे नही देते ऐसा आपके मन में भी सवाल जरूर आया होगा।

हम आपको बता दे कि चैनलों की कमाई TRP के मध्यम से कैलकुलेट होते है लेकिन यह TRP आख़िर क्या चीज होती है, TRP क्या होता है? और इससे चैनल को कैसे फायदा होता है?

अगर आपको TRP के बारे में बिलकुल भी जानकारी नही है और TRP के बारे में सारी जानकारी जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल में हम आपको TRP के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने जा रहा हैं चलिए जानते हैं।

TRP Full Form क्या है

कोरोना वायरस के दौरान लॉकडाउन में दूरदर्शन पर रामायण व महाभारत जैसे धारावाहिकों को पुनः प्रसारित किया गया था जिसकी लोकप्रियता ने आज के समय के बढ़े-बढ़े चैनल को पछाड़ दिया था तभी से TRP के बारे में लोगों के जाने की उत्सुकता बड़ी गयी थीं की TRP Full Form क्या हैं।

TRP Full Form यानी TRP का पूरा नाम Television Rating Point(“टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट”) हैं जिसे शार्ट फॉर्म में TRP कहा जाता है जिसके इस्तेमाल से किसी चैनल की पॉपुलरिटी का अनुमान लगाया जाता हैं।

TRP की जानकारी

TRP एक ऐसा माध्यम या फिर जरिया होता है जो यह बताता है की कौन सा टीवी चैनल सबसे ज्यादा देखा जा रहा है और किस चैनल की लोगों के बीच कितनी ज्यादा पॉपुलरिटी और वैल्यू है।

जिस चैनल को लोग जितना जायदा पसंद करते हैं और उसमे आने वाली न्यूज़ या प्रोग्राम को ज्यादा से ज्यादा देखते हैं तो उस चैनल की TRP बढ़ जाती है जिसके कारण उस चैनल की वैल्यू भी बढ़ जाती है।

आपको क्या लगता है सिर्फ़ आपके किस चैनल को रिचार्ज करने से ही उसकी कमाई होती हैं ऐसा नही है सभी टीवी चैनल TRP की वजह से ही कमाई करते हैं और TRP ही एकमात्र ऐसा रास्ता है जिसमे रहकर कोई भी टीवी चैनल लाखों-करोड़ो की कमाई कर लेता है।

अगर हम भारत की बात करें तो यहाँ पर “Television Audience Measurement India” नाम की एजेंसी है जो टीआरपी को मापने का काम करती है और यह पता लगाती है की कौन सा चैनल सबसे ज्यादा देखा जा रहा है और कौन से चैनल, टीवी शो को लोग देखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

यह कंपनी विभिन प्रकार की फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करके यह पता लगाती है की कौन सा धारावाहिक कितनी बार और कितने समय तक देखा देखा जा रहा है फ्रीक्वेंसी मापने से ही किसी शो और चैनल की पॉपुलरिटी समझी जाती है।

TRP कैसे चैक करते हैं

किसी भी चैनल की TRP को आप Broadcast Audience Research Council India की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर चैक कर सकते हैं।

इस वेबसाइट पर जाकर जब आप आप Data पर क्लिक करके weekly Data पर क्लिक करते हैं तो एक नया पेज खुलता है इस पेज पर आप Top 10 Advertsing Company से लेकर किसी भी कैटेगिरी के Top TRP चैनल की लिस्ट भी जान सकते हैं।

TRP कैसे मापी जाती है

TRP मापने वाले यंत्र को पीपल मीटर (People Meter) कहा जाता है यह यंत्र शहरो और गावों में किसी ख़ास जगह पर लगा होता है यह उपकरण आपके सेटॉबॉक्स में भी लगा हो सकता है।

यह मीटर आपके द्वारा देखे गये चैनल को ट्रैक करता है और ये पता लगता है की कौन से चैनल के टीवी सीरियल, न्यूज़ या दुसरे प्रोग्राम को लोग कितना देख रहे हैं और इसे मिनटों के हिसाब से मापता है।

यह उपकरण हमारे द्वारा देखे गये चैनल को बहुत अच्छी तरह ट्रैक करता है यहाँ तक की ये टाइमिंग भी ट्रैक करता की कब किस टाइम कौन सा चैनल पर कौन सा प्रोग्राम कितना ज्यादा देखा जा रहा है।

सारे डाटा को ट्रैक करने के बाद यह मीटर विभिन्न तरीकों से मॉनिटरिंग टीम को सिग्नल भेजता है और इंडियन ऑडियंस मेज़रमेंट एजेंसी यह तय करती है की कौन से चैनल सबसे ज्यादा देखे जा रहें हैं उसके बाद सबसे ज्यादा देखे जाने वाले चैनलों की जानकारी वीकली और मंथली बेसिस पर सार्वजनिक करता है।

इसी तरह से जिस चैनल को लोग सबसे ज्यादा देख रहे होंगे उसकी TRP ज्यादा होती है और जिस चैनल को लोग कम देख रहे हैं उसकी TRP कम होती है जिसे उन्ह चैनलों पर चलने वाले विज्ञापन के रेट भी कम ज्यादा होते रहतें है जैसी TRP वैसे विज्ञापन के रेट होते हैं इसलिए हर चैनल अपनी TRP बढ़ाना चाहता हैं।

TRP कैसे घटती बढ़ती है

TRP घटना और बढ़ना चैनल और उसको देखने वाली ऑडियंस पर निर्भर करता है मान लीजिए शुरू में किसी चैनल में दिखाए गये किसी प्रोग्राम की स्टोरी बहुत ही अच्छी है जिस वजह से लोग उसको प्रोग्राम को देखना बहुत जायदा पसंद कर रहे हैं।

तो जाहिर सी बात है उस चैनल की TRP बहुत बढ़ जाएगी लेकिन कुछ समय बाद अगर लोग उस प्रोग्राम को देखना कम कर देते हैं तो उसकी TRP घट जाएगी इसलिए TRP को हमेशा बढ़ाये रखने के लिए जरूरी है की चैनल के मालिक अपने चैनल पर कुछ ऐसे प्रोग्राम दिखाए जिससे लोग बहुत ज्यादा देखना पसंद करे।

Channel TRP कितना महत्व रखती है

किसी भी टीवी चैनल के लिए TRP बहुत ही ज्यादा महत्व रखती है क्योंकि TRP के आधार पर ही बड़े-बड़े ब्रांड और कम्पनी अपने प्रोडक्ट का प्रोमोशन करने के लिए उनको प्रोजेक्ट ऑफर करती हैं।

आपको बता दे कि किसी भी चैनल की 70 – 80% कमाई Advertisement के माध्यम से होती है और हाई TRP वाले चैनल बड़े-बड़े ब्रांड और कम्पनी की पहली पसंद होते हैं ऐसा इसलिए क्योंकि उनको लगता है की लोग उस चैनल पर दिखाए गये प्रोग्राम के साथ बीच बीच में आने वाले उनके Advertisemnt को भी लोग जरूर देखेंगे।

टीवी चैनल की टीआरपी लिस्ट विज्ञापन दाता के लिए बहुत महत्व रखती है क्योंकि इसी से उनको यह जानकारी मिलती है की कौन से चैनल पर ज्यादा लोग होते हैं और इसी आधार पर चैनल वाले भी अपने चैनल पर Advertisement दिखाने का रेट तय कर पाते हैं जाहिर सी बात हाई TRP वाले चैनल के रेट भी हाई होंगे जिससे वह विज्ञापन दाता से ज्यादा से ज्यादा पैसे चार्ज कर पाएंगे।

टीवी चैनल इनकम कैसे करते हैं

जैसा की आपको पहले भी बताया किसी भी चैनल की 70-80% कमाई Advertisement के माध्यम से होती है और किसी भी चैनल की TRP को देखकर ही कंपनी अपने प्रोडक्ट का प्रोमोशन करने के लिए उस चैनल के पास जाती है।

हाई TRP वाले चैनल बड़े-बड़े ब्रांड और कम्पनी की पहली पसंद होते हैं जिस वजह से कम्पनी अपने प्रोडक्ट का प्रोमोशन करने के लिए प्रति सेकेंड Advertisement के हिसाब से बहुत ज्यादा पैसे भी देती है और इसी वजह से इन चैनलों की कमाई होती है।

हम यहाँ पर आपको कुछ हाई टीआरपी चैनलों के नाम भी बता रहे है जो आज के समय मे जब हम इस आर्टिकल को लिख रहे है काफ़ी TRP चैनल हैं जैसे आजतक, बीबीसी न्यूज़, स्टार प्लस, colours टीवी चैनल, रिपब्लिक भारत इत्यादि

Top 5 TRP चैनल की जानकारी

अब हम आपको Top 5 टीआरपी चैनल के बारे में बताने जा रहा हूँ ये जानकारी हमनें Broadcast Audience Research Council India की वेबसाइट से ली है।

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जैसा की आप फोटो में देख सकते हैं यह लिस्ट टॉप हिंदी न्यूज़ चैनलों की है और इस लिस्ट में रिपब्लिक भारत पहले स्थान पर है। यह चैनल TRP में भी पहले स्थान पर है इसका मतलब ये है की लोग इस चैनल को देखना जायदा पसंद कर रहे हैं।

यह डाटा शनिवार, 29 अगस्त और शुक्रवार, 4 सितम्बर के बीच का है इस दौरान रिपब्लिक भारत टीवी न्यूज़ चैनल सबसे ज्यादा देखा गया है और TRP में पहले स्थान पर है।

-Republic Bharat
-Aaj Tak
-TV9 Bharatvarsh
-India TV
-News18 india

अगर आपको किसी और कैटेगरी के टॉप चैनलों की लिस्ट जाननी हो तो आप Broadcast Audience Research Council India की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं

टीआरपी के गिरने के क्या नुकसान हैं

किसी भी चैनल या शो की TRP कभी एक समान नहीं रहती इसीलिए हर महीने इसमें बदलाव आते रहते हैं और चैनल ऊपर नीचे होते रहते हैं जिससे इनकम पर बहुत असर पड़ता है क्योंकि जिस भी चैनल की TRP कम हो जाती है उसको बिज़नेस भी कम मिलता है।

लेकिन TRP के गिरने का सबसे ज्यादा असर किसी भी चैनल या शो पर तब पड़ता है जब उसको विज्ञापन दाता की तरफ से कॉन्ट्रैक्ट मिलना बंद हो जाते हैं।

विज्ञापन दाता हाई TRP वाले चैनल्स को एड्स देना ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि जिस चैनल की TRP ज्यादा होगी उस चैनल पर प्रोडक्ट प्रमोट करने से विज्ञापन दाता को भी ज्यादा लाभ होगा।

कभी कभी TRP कम् होने की वजह से और कॉन्ट्रैक्ट ना मिलने की वजह से चैनल ओनर को अपनी जेब से उसके लिए काम करने वाले लोगों को वेतन देना पड़ जाता हैं इसीलिए किसी भी चैनल का टॉप TRP वाले चैनल की लिस्ट में रहना बहुत ही जरुरी बन जाता है नहीं तो वो चैनल दिवाल्या भी हो सकता है।

People Meter की जानकारी

पीपल मीटर एक ऐसा उपकरण होता है जिसकी मदद से ही INTAM सही रूप से TRP को मापती है यह उपकरण हज़ारों फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करके यह जान लेता हैं की लोग किस चैनल और शो को सबसे ज्यादा देख रहें हैं इसीलिए आपको अपनी डिश के साथ एक सेटअप बॉक्स दिया जाता है जिसकी मदद से फ्रीक्वेंसी पकड़ी जाती है।

पीपल मीटर फ्रीक्वेंसी को मॉनिटर करके इंडियन टेलीविज़न ऑडियंस मेज़रमेंट टीम को भेजता हैं और इसी वजह विज्ञापन दाताओं को सबसे ज्यादा देखे जाने वाले चैनल के बारे में जानकारी मिल पाती है।

तो दोस्तों टीआरपी की जानकारी आपको कैसी लगी हमनें जरूर बताये क्योंकि हमने इस आर्टिकल में सभी जानकारी एक ही जगह पर देने का प्रयास किया हैं और हर महवपूर्ण बिंदु की जानकारी दी हैं।

अगर फ़िर अगर कोई जानकारी छूट जाती है तो हमें बतायें और अगर आपको यह आर्टिकल पसन्द आता है तो इसे अपने उन्ह सभी दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे जो TV देखते हैं।

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